आलू मटर की सूखी सब्जी, सादे परांठे और बूंदी का रायता

आज मैंने लंच में आलू मटर की सूखी सब्जी, सादे परांठे और बूंदी का रायता बनाया है। जिसकी विधि इस प्रकार है:-

आलू मटर की सूखी सब्जी

सामग्री:

  • तेल – 1 टेबल स्पून
  • आलू – 3
  • मटर – 1 कटोरी
  • हल्दी – 1/4 टी स्पून
  • जीरा – 1 टी स्पून
  • मिर्च – 3/4 टी स्पून
  • धनिया – 3/4 टी स्पून
  • नमक – 1/2 टी स्पून या स्वादानुसार
  • चाट मसाला – 1/2 टी स्पून
  • हरा धनिया कटा हुआ – 1 टेबल स्पून

विधि:

सबसे पहले आलू को धोकर, छील कर छोटे टुकडो में काट लें, फिर कड़ाही में तेल गरम करें और थोडा जीरा दाल दें। जब जीरा चटखने लगे तब कटे हुए आलू डालकर अच्छे से मिक्स करें। 2-3 मिनट सब्जी को चलाते रहें फिर हलके से पानी के छींटे दें और कडाही को ढककर धीमी आंच पर आलुओं को पकने दें। अब ढक्कन हटा कर एक चम्मच में आलू लेकर ठंडा करके चेक करें। अगर आलू पक गए हें तो अब मटर, हल्दी, बचा हुआ जीरा, नमक, मिर्च डालकर मिक्स करें। जब मटर पक जाये तब गैस बंद कर दें तथा चाट मसाला और कटा हुआ धनिया डाल कर ढक दें। अब सब्जी बन चुकी है। इसे आप पूरी, सादे परांठे या रोटी के साथ खा सकते हें। मैंने आज सादे परांठे बनाये हैं।

सादे परांठे

सामग्री:

  • घी (परांठे सेकने के लिए)
  • आटा – 2 कटोरी
  • नमक – 1/2 टी स्पून
  • पानी – आवश्यकता अनुसार

विधि:
एक बर्तन में आटा लें और उसमें नमक और पानी डाल कर नरम गूंथ ले और 10-15 मिनट तक ढक कर रख दें।

अब एक आटे की लोई बना कर उसे रोटी की तरह बेलें और उस पर चम्मच से घी लगा कर फेलाएं फिर उसे आधा मोड़ लें। इसे दुबारा मोड़ कर तिकोना शेप दें। अब इसे सूखा आटा लगाकर पतला बेलें और तवे पे घी लगा कर सेक लें।

बूंदी का रायता

सामग्री:

  • दही – 2 कटोरी
  • पानी – 1 कटोरी
  • बूंदी – 1 कटोरी
  • लाल मिर्च – 1/4 टी स्पून
  • काला नमक – 1/4 टी स्पून
  • नमक – स्वादानुसार
  • चीनी – 1/4 टी स्पून
  • भुना हुआ जीरा पिसा हुआ – 1/4 टी स्पून
  • सूखा पुदीना – 1/4 टी स्पून

विधि:
एक बाउल में दही और पानी डाल फेंट लें। अब इसमें मिर्च, नमक, काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर डाल कर मिला लें तथा बूंदी और सूखा पुदीना हाथ से मसल कर डालें और मिक्स करें।

सुझाव:

  1. दही ज्यादा खट्टा न हो इस बात का ध्यान रखें।
  2. मिर्च आप अपने स्वाद अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं।
  3. बूंदी दो प्रकार की मिलती है एक फीकी बूंदी और एक मसाला बूंदी। यदि आप मसाला बूंदी इस्तेमाल करते हैं तो उपरोक्त मसालों की मात्र थोड़ी कम हो जायेगी।