काली गाजर की कांजी [Kali Gajar Ki Kanji]

स्नेहा/नव्या में आज तुम्हे काली गाजर की कांजी कैसे बनाते हैं सिखाने जा रही हूँ। कांजी बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक होती है और बड़ी आसानी से बन जाती है।

सामग्री:

  • काली गाजर – 3
  • पानी – 6 गिलास
  • राई (पिसी हुई) – 2 चम्मच
  • काला नमक – 1/2 टीस्पून
  • नमक – 1/4 टीस्पून
  • लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टीस्पून
  • पिसी हुईहींग – 1 चुटकी

विधि:

  1. सबसे पहले हम गाजर को साफ पानी से धो लेंगे और उन्हें छील कर साफ कपड़े से पोंछ कर पतले टुकड़ो में काट लेंगे।
  2. अब एक पतीले में 6 गिलास पानी गैस पर उबलने के के लिए रखेंगे।
  3. जैसे ही पानी में उबाल आ जाये, गैस बंद कर देंगे और उसमें गाजर के टुकड़े डालकर जाली से ढक देंगे।
  4. जब पानी कुछ ठंडा/गुनगुना हो जाये तब इसमें पिसी हुई राई, हींग, नमक, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर डाल कर अच्छे से मिलाएंगे और कांच की बरनी में भर कर ढक्कन लगा देंगे और 2 दिन धूप में रख देंगे।
  5. 2 दिन बाद हमारी गाजर की कांजी बन कर तैयार है।
  6. इसे हम गिलास में डाल कर सर्व करेंगे।

सुझाव:

  • यदि काली गाज़र उपलब्ध नहीं हो तो आप लाल गाजर के साथ एक चुकंदर/बीट रूट काट कर डाल दें जिससे कलर अच्छा आएगा।
  • यदि आप सर्दी के मौसम में कांजी बना रहे है तो 24 घंटे का समय लगता है पानी में राई और सरसों का फ्लेवर आने में।
  • गर्मी के मौसम में 8 /10 घंटे में कांजी तैयार हो जाती है।
  • तैयार कांजी को फ्रिज में रखे अन्यथा कांजी का पानी बहुत खट्टा हो जाता है।
  • यदि आप इसमें स्मोकी फ्लेवर लाना चाहें तो इसको नीचे लिखे तरीके से धुआँर दें:
    • धुआंर देंने के लिए के लिए एक कोयले के टुकड़े को हम गैस स्टोव पे धीमी आंच पर लाल होने देंगे और गैस बंद कर देंगे।
    • जिस बर्तन में हमने कांजी बना कर रखी उसमे एक छोटी स्टील की कटोरी इस प्रकार से रखेंगे कि कटोरी सतह पर ही रहे व कांजी में न डूबे।
    • अब जो कोयला हमने गर्म किया है उसे चिमटे की सहायता से कटोरी में रखेंगे और उस पर 2 टी स्पून घी डालेंगे जिस से धुआं आने लगेगा, तुरंत बर्तन को ढक देंगे।
    • 5 से 10 मिनट तक ढक्कन लगा कर रखेंगे और उसके बाद कटोरी और कोयला निकाल देंगे।