स्नेहा, नव्या आज मैंने मसूर की दाल और चावल बनाये हैं, मसूर की दाल दूसरी दालों के मुकाबले बहुत ही जल्दी पक जाती है।
इस दाल से जुड़ी हुई एक कहावत भी है, “यह मुंह और मसूर की दाल” ? ? उसकी कहानी किसी ओर दिन सुनाऊंगी।
मसूर की दाल बनाने की विधि इस प्रकार है।
सामग्री:
- मसूर दाल (बिना छिलके वाली) – 1 बड़ी कटोरी
- घी – 1 टेबल स्पून
- जीरा – 1.5 टी स्पून
- पिसी हुई हींग – 1/4 टी स्पून
- लौंग – 5
- करी पत्ता – 5
- हरी मिर्च (तीखी) – 3-4
- हल्दी – 1.5 टी स्पून
- नमक – 1 टी स्पून
- पीसी हुई लाल मिर्च – 1/4 टी स्पून
- धनिया पिसा हुआ – 1/4 टी स्पून
- कटा हुआ हरा धानिया – 1 टेबल स्पून
- पानी आवश्यकतानुसार
विधि:
- सबसे पहले दाल को साफ़ करके धोएं और दस मिनट के लिए भीगने दें।
- एक कुकर में भीगी हुई दाल और तीन कटोरी पानी, मसाले और कटी हुई हरी मिर्च डालकर कूकर में तीन सीटी आने तक पकाएं और गैस बंद कर दें।
- जब कूकर ठंडा हो जाये तो उसका ढक्कन खोलकर दाल चेक करें अगर बहुत ज्यादा गाढ़ी हो गई हो तो उसे पानी मिला कर पतला करलें।
- अब इस दाल को किसी और बर्तन में निकाल लें और इस में कटा हुआ धनिया मिला लें।
- अब हम इस मैं तड़का लगायेंगे उस के लिए एक पैन में घी को गरम करेंगे, जब घी गरम हो जायेगा तो इस में हम लौंग डालेंगे, जैसे ही लौंग चटकने लगे तो गैस बंद कर देंगे और इस में जीरा, हींग और करी पत्ता डाल कर तुरंत दाल के ऊपर डालेंगे और बिना मिक्स किये कुछ देर के लिए ढक्कन लगा कर 3/4 मिनट के लिए रख देंगे।
- अब दाल बन चुकी है।
सुझाव:
- इस दाल को थोड़ा पतला ही रखा जाता है
- यह दाल गर्मागरम रोटी / सादे परांठे या चावल के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है।
- इसको कुछ देर के लिए ढक कर रखना जरूरी है ताकि हींग और लौंग का फ्लेवर भी आ जाये।
- इस दाल में लाल मिर्च कम ही डाली जाती है और हरी मिर्च का ज्यादा उपयोग होता है। ध्यान रहे कि हरी मिर्च थोड़ी तीखी हो।
- इस दाल में जो तड़का लगेगा उसमे हमेशा घी का ही उपयोग होता है।