स्नेहा / नव्या आज मैंने तुम्हारे लिए दही वड़े / दही भल्ले बनाये है। इन्हें कैसे बनाया जाता है में तुम्हे सिखाने जा रही हूँ
सामग्री:
वड़े बनाने के लिए:
- तेल – तलने के लिए – आवश्यकता अनुसार
- धुली हुई उरद दाल – 1 बड़ी कटोरी
वडों को भिगोने के लिए:
- एक गहरे बर्तन में 4 गिलास पानी, 1/2 टीस्पून नमक और एक चुटकी हींग डाल कर अलग रख देंगे।
परोसने के लिए:
- दही – कम खट्टा (गाढ़ा जमा हुआ)
- चीनी – 1 टेबलस्पून (पिसी हुई)
- मीठी चटनी
- हरी चटनी
- पिसी हुई लाल मिर्च
- नमक
- सूखा पुदीना
- भुना हुआ जीरा
- काला नमक
- चाट मसाला
विधि:
- दाल को हम साफ करके पानी से 2, 3 बार धो लेंगे और 6 – 8 घंटे के लिए भिगो देंगे।
- अब हम भीगी हुई दाल को किसी छलनी में लेकर सारा पानी निथार देंगे।
- अब हम ग्राइंडर की सहायता से दाल को दरदरा और पीस लेंगे और एक बड़े बाउल या किनारे वाली प्लेट में पलट लेंगे।
- अब दाल को हाथ/बीटर से एक ओर चलाते हुए 7 से 8 मिनट तक एक ही दिशा में फेंटेंगे।
- जब पिसी हुई दाल का रंग सफेद दिखने लगे और दाल फूल कर हल्की हो जाये तब हमारे वडे बनने के लिए तैयार हैं।
- कड़ाही में तेल गरम करेंगे और उंगलिओं को पानी से गीला करके उस पर दाल को वडे के आकार दे कर मद्धम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरे होने तक तल लेंगे।
- जब सारे वडे बन जाये तब हम इन्हें एक गहरे बर्तन में जिसमें हमने नमक और हींग वाला पानी रखा है उसमे डाल देंगे और 15 मिनट तक भिगो कर रखेंगे।
- अब सारे वडे हल्के हाथ से हथेली से दबा कर निचोड़ देंगे और एक डब्बे में रख कर फ्रिज में रख लेंगे।
- दही को हम पिसी हुई चीनी डाल कर फेंट कर ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख लेंगे।
परोसने का तरीका:
- एक बाउल/ प्लेट में हम वडे रखेंगे।
- वडे पर दही डालेंगे।
- अब उस पर हम पिसी हुई लाल मिर्च, नमक, चाट मसाला, हरी चटनी, मीठी चटनी तथा भुने जीरा एवं सूखे पुदिने को हथेली से मसल कर डालेंगे और परोसेंगे।
सुझाव:
- इन्हें फ्रिज में ठंडा कर के परोसेंगे।
- चाहें तो वडे एक दो दिन पहले से बनाकर फ्रिज में रख सकते हैं।
- वड़े बनाने से पूर्व एक कटोरी में पानी लें उस में एक चम्मच दाल का घोल डालें, डालते ही घोल ऊपर तैरना चाहिए इसका मतलब है कि दाल बहुत अच्छी तरह से फेंटी जा चुकी है। यदि वह पानी में फेल जाती है तो हमे दाल को और कुछ देर और फेंटना पड़ेगा।
- वडों को तलते समय ध्यान रखें कि यदि तेल ज्यादा गर्म होगा तो वड़े तुरंत सिक तो जाएंगे परंतु अंदर से कच्चे रह जाएंगे और तेल भी ज्यादा सोख लेंगे। धीमी आंच पर तलना है वरना वो अंदर से कच्चे रह जाते है।
- दाल पीसते समय ध्यान रखें कि वो ज्यादा पतली ना पिस जाये अन्यथा वड़े कडाही में डालते ही उनके बिखरने का डर रहता है।